Prayagraj : मंगलवार को फूलपुर में स्थापित इफको नैनो यूरिया तरल के संयंत्र का लोकार्पण करने के बाद उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सह रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा, नैनो यूरिया तरल किसानों की आय ही नहीं बल्कि पर्यावरण और मिट्टी की सेहत भी सुधारने में कारगर साबित होगी। इस आधुनिक वैकल्पिक रूप से किसानों की दोगुनी आय के साथ प्रधानमंत्री का सपना भी साकार होगा।
उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया तरल के प्रयोग से अब जहां किसानों की आय बढ़ेगी, वहीं पर्यावरण व खेती की उर्वरा शक्ति भी बचेगी क्योकि आज हम अपनी उपज बढ़ाने के लिए अंधाधुंध डीएपी और यूरिया का प्रयोग फसलों में कर रहे है, जिससे पर्यावरण, मिट्टी की उर्वरा शक्ति कमजोर होने के साथ ही हमारे स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि बरेली व फूलपुर की इकाइयों की प्रतिदिन क्षमता 2- 2 लाख बोतल है। इफको नैनो यूरिया तरल का देश के साथ ही विदेशों में भी निर्यात होगा। इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाड़ी ने कहा बताया कि 3 सौ कोआपरेटिव की अग्रणी संस्थाओं में इफको इस बार पूरे विश्व में पहले नंबर पर है।
मौके पर मौजूद इफको के प्रबंध निदेशक डॉ. उदय शंकर अवस्थी, इफको फूलपुर इकाई के कार्यकारी निदेशक संजय कुदेशिया, महाप्रबंधक नैनो गिरिधर मिश्र, सांसद केशरी देवी पटेल, विधायक प्रवीण पटेल, सीमा द्विवेदी, आल इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन के चेयरमैन जितेन्द्र तिवारी, इफको अधिकारी संघ के महामंत्री स्वयं प्रकाश, इफको इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष पंकज पांडेय, महामंत्री विनय यादव, वित्त एवं लेखा प्रमुख एसके सिंह, विश्वजीत श्रीवास्तव, सोनू तिवारी मुख्य प्रबंधक कार्मिक एवं प्रशासन शंभू शेखर रहे। उपाध्यक्ष इफको बलवीर सिंह ने सभी अतिथियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने इफको यूरिया संयंत्र का भी निरीक्षण किया ओर कहा की इफको अब जल्द ही नैनो यूरिया की तर्ज पर नैनो डीएपी भी बाजार में उतारने जा रही है। बोरी वाली डीएपी का जहाँ किसानों को 1350 रुपये में मिल रही है, वहीं इफको नैनो डीएपी तरल की कीमत सिर्फ 7 सौ रुपये के आसपास होगी।
इफको फूलपुर इकाई प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक संजय कुदेशिया ने बताया कि इफको देश में पहली संस्था है, जिसने नैनो यूरिया तरल का न सिर्फ उत्पादन प्रारंभ कर दिया है, बल्कि इसका पेटेंट भी इफको के पास है। नैनो डीएपी तरल भी फसलों पर बोरी वाली डीएपी की अपेक्षा अच्छा काम करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि इफको की इफको फूलपुर इकाई, बरेली स्थित इफको आंवला और गुजरात स्थित कलोल इकाई से उत्पादन शुरू होने के बाद प्रतिदिन 2-2 लाख नैनो यूरिया 500 मिली बोतल उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। जो 1.37 करोड़ सब्सिडी वाले यूरिया की जगह लेगा। यही नहीं आने वाले समय में जल्द ही इफको नैनो यूरिया तरल का इफको विदेशों में भी निर्यात करेगा।






