सनातनी पवित्र पर्व ऐतिहासिक गंगा दशहरे (Ganga Dussehra) को कल बड़ी धूमधाम से मनाया गया। कई जनपदों और राज्यों से श्रद्धालु तीर्थ नगरी बृजघाट पहुंचे। भक्तजनों ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति एवं मोक्ष की प्रार्थना की। साथ ही श्रद्धालुओं में काफी उत्साह भी देखने को मिला। लाखों की संख्या में श्रद्धालु गढ़मुक्तेश्वर के ब्रजघाट में गंगा स्नान करने के लिए पहुंचे।
मान्यता के अनुसार भागीरथ की कठिन तपस्या के बाद ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के हस्त नक्षत्र में मां गंगा धरती पर उतरी थीं। इस दिन को गंगा दशहरा (Ganga Dussehra) के नाम से पूजा जाता है। इसके जल के स्पर्श से भागीरथ के पूर्वज श्राप से मुक्त हुए थे। कहा जाता है कि गढ़ गंगा में डुबकी लगाने वाले हरिद्वार से अधिक पुण्य के भागीदार बनते हैं। यहीं पर भगवान शिव के गणों को मुक्ति मिली थी। महाभारत के युद्ध के बाद पांडवों का व्याकुल मन भी यहीं पर शांत हुआ।
मेले की सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित कराने के लिए हापुड पुलिस द्वारा बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स, एनडीआरएफ की टीम, पीएसी बटालियन, डॉग स्क्वायड व बम निरोधक दस्ते को सुरक्षा के मद्देनजर तैनात किया गया था। सीसीटीवी व ड्रोन कैमरों से मेले की निगरानी की जा रही थी। इस दौरान एसपी हापुड भी घाटों पर घूम घूम कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे थे। मेले में पहुचने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को पार्क करने के लिए 11 अस्थाई पार्किंग भी बनाए गए थे। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग 9 बृजघाट गंगा ब्रिज पर जाम की स्थिति से निपटने के लिए भारी वाहनों का रूट भी डायवर्जन पहले ही कर दिया गया था।
जनपद हापुड़ मेरठ के शीर्ष अधिकारी हर स्थिति से निपटने के लिए मेले में होने वाली सभी गतिविधियों पर भी अपनी नजर बनाए हुए थे। वही नगर पालिका गढ़मुक्तेश्वर की तरफ से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए वेरीकेटिंग, चेंजिंग रूम, मोबाइल, टॉयलेट व लाइट की व्यवस्था भी बड़े स्तर पर सुनिश्चित की गई।














