राणापुर: जिला अल्पसंख्यक मोर्चा के किस पद का हो रहा है विरोधॽ

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Ranapur: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णु दत्त शर्मा जी के निर्देशानुसार व भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष की सहमति से जिला कार्यकारिणी की घोषणा की गई। भाजपा जिला अध्यक्ष श्री भानु भूरिया जी की अनुशंसा पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष जुनेद खान द्वारा जिला कार्यकारिणी की घोषणा में उपाध्यक्ष, जिला मंत्री, जिला महामंत्री, जिला मीडिया प्रभारी, कोषाध्यक्ष,आईटी सेल आदि पदों पर पदाधिकारी की घोषणा की गई। इसमें एक नाम पर काफी जोर-शोर से नगर और जिले में विरोध की हवा चल रही है। कहा जा रहा है कि ऐसे व्यक्ति को अगर जिले के इस पद पर रखा जाता है तो थोड़ा कार्यकर्ताओं को ध्यान रखना चाहिए। राणापुर (Ranapur) नगर परिषद का चुनाव हो रहा था, तब 12 सितंबर 2022 को उस व्यक्ति ने अल्पसंख्यक मोर्चा के ग्रुप में अपना नाम लिखकर अपने पद से इस्तीफा दिया था। उस वक्त भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष थे और उन्होंने आगे अवगत कराते हुए बताया कि मेरे कार्यकाल में अगर किसी को मेरी बातों से हानि हुई है तो मैं माफी मांग कर त्यागपत्र देता हूँ। ऐसा उस वक्त कहा गया था, जब नगर में कार्यकर्ताओं की पदाधिकारियों की नगर परिषद चुनाव में आवश्यकता थी। उसी वक्त से वह व्यक्ति भारतीय जनता पार्टी के पद से मुक्त है। अब सवाल यह उठता है कि इतना होने के बाद उनको जिले में इतना बड़ा दायित्व देना और उनका नाम आगे किया जाना, इस पर एक प्रश्न चिन्ह लगता है।

अभी नई कार्यकारिणी में उनको जिला महामंत्री के रूप में पद दिया गया। हम बात कर रहे है, शाकिर अली सैयद की। इनकी अनुशंसा भानु भूरिया और विष्णु दत्त शर्मा के निर्देशानुसार की गई। वर्तमान अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष ने सभी पदाधिकारियों को बधाई दी, परंतु उन्होंने इस नाम का विरोध किया और उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी संगठन में ऐसे व्यक्ति को स्थान देना गलत है। बहुत से जमीनी कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने भाजपा के लिए बहुत कुछ किया है। इस पद का दायित्व किसी विश्वसनीय व्यक्ति को देना चाहिए।

पूर्व पार्षद एवं अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष इमरान भाई का यह कहना कि नगर मंडल अध्यक्ष कीर्तिश जी राठौड़ भी इनके साथ हैं। वह इस पद की गरिमा को समझते हुए किसी विश्वसनीय व्यक्ति को यह पद देने की मांग की है और संगठन को कहा है कि इस नाम पर पुनर्विचार किया जाए।उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में चुनाव आने वाले हैं तो क्या वह आने वाले समय में पहले जैसी हरकत नहीं करेंगे। यह एक प्रश्न चिन्ह। इस पद और दायित्व की एक अलग गरिमा है, जिसका निर्वहन किसी जिम्मेदार व्यक्ति को दिया जाना चाहिए और साथ ही संगठन को एकजुट कर सके।

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