उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुरादाबाद जिले के कुंदरकी इलाके में एक छेड़छाड़ पीड़िता ने आत्महत्या कर ली और अपनी मौत के लिए पुलिस को दोषी ठहराया, जिसके कारण दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुंदरकी क्षेत्र में रहने वाली एक लड़की ने 8 मार्च को पुलिस को शिकायत की थी कि विकेश नाम के एक व्यक्ति और उसके तीन दोस्तों ने उसके साथ छेड़छाड़ की और उसे जान से मारने की धमकी दी है। लड़की के परिजन का आरोप है कि इस मामले में पुलिस की लापरवाही से निराश होकर लड़की ने रविवार को जहर खा लिया और सोमवार तड़के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
सूत्रों ने बताया कि लड़की ने मरने से पहले दो पन्ने का खत लिखा था, जिसमें उसने पुलिस को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। इसके बाद कुंदरकी थाना प्रभारी ललित चौधरी और उप निरीक्षक सचिन मलिक को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया। पुलिस उप अधिकारी (डीआईजी) शलभ माथुर ने संभल के सहायक पुलिस अधिकारी (एएसपी) श्रीश चंद्र को घटना की जांच के आदेश दिए है।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने आरोपित विकेश और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने कहा कि दो और आरोपी हरज्ञान सिंह और बबलू को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मृतक के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
मंगलवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के कार्यकर्ताओं ने घटना के संबंध में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर पुलिस की भूमिका की शिकायत की और इसके लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
















